Saturday, 24 August 2013

मुफ्त की रोटी

कुत्ता खो देता है आक्रामकता
जब स्वीकार कर लेता है रोटी
लातें खाकर भी लोटता हैं पैरों में
स्वाधीनता छीन लेती मुफ्त की रोटी

आलोचक का मुँह बन्द हो जाता है
जब सत्ता से जम जाती है गोटी
सच, आदर्श और सिद्धांत धरे रह जाते परे
ईमान खरीद लेती, जेब में पहुँची रकम मोटी

वाह रे दुर्भाग्य! यदि गुलामी ही करनी थी तो
वह अंग्रेजी राज क्या बुरा था
आज की स्थिति देख लगता है कि
आजादी पूर्व का क्रांतिकारी मुफ्त में मरा था।

Tuesday, 20 August 2013

रक्षा का दोहरा वचन (दद्दू का दरबार)


- एमके सांघी

Webdunia
FILE

प्रश्न : दद्दू, देश में इस वर्ष राखी दो दिन मनाई जा रही है। आप अपनी बहन से राखी 20 अगस्त को बंधवाएंगे या 21 अगस्त को?

उत्तर : राखी दो दिन शायद इसलिए है कि देश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के कारण बहनों को भाइयों से रक्षा का डबल वचन चाहिए। अत: सभी भाइयों को चाहिए कि वे अपनी बहनों से दोनों दिन राखी बंधवा कर रक्षा का दोहरा वचन दें।

Tuesday, 13 August 2013

मानस के रचियता

- महेन्द्र सांघी

WD


रामचरितमानस रचने में,
क्या-क्या शोध किया होगा?
पूज्य तुलसीदासजी आपने,
स्वयं को होम किया होगा।

रात-रातों को जागे होंगे,
दिनों में भी आराम न किया होगा।
थकित शरीर, दुःखित चरणों को,
क्या कोई सेवक मिला होगा?

समय पर भोजन न किया होगा,
नदी तट पर होकर भी न जल पिया होगा।
राम प्रेम के आवेगों से,
संचित जल भी अंखियों से बहा होगा।

सूख गया होगा मुख, खो गई होगी सुध,
निश्चल मन राम में रमा होगा।
बूंद-बूंद से भरे सरोवर,
उसी तरह आपने रामचरित रचा होगा।

रामचरित का हर प्रसंग,
जीवन रस मन में उतरा होगा।
वही जीवन रस चौपाईयां बनकर,
आपकी कलम से बह निकला होगा।

मानस की स्वरचित पंक्तियों को,
आपने कई-कई बार पढ़ा होगा।
आज सब मगन मुग्ध हो जाते हैं पढ़कर,
आपका तो रोम-रोम खिला होगा।

पर आपको कुछ न मालूम होगा,
आप तो राममय हो गए होंगे।
चौपाई, छंद व दोहों की दुनिया में,
बस जाकर के खो गए होंगे।

आपके इस महाग्रंथ की राम कहानी,
तो बस जानते होंगे श्री राम।
श्री गुसांई आपको शत-शत नमन,
जन्मदिवस पर बारंबार शत-शत प्रणाम।