वित्तमंत्री चिदम्बरम आज वर्ष
2013-14 का बजट संसद पटल पर रखने जा रहे हैं। चार लाईनों के माध्यम से उन्हें जनता की और से एक सन्देश अर्ज है कि :
कछुए की तरह रेंग रही है आमजन की कमाईखरगोश की तरह कुलांचे भर रही है महंगाईदोनों के बीच का अंतर बढ़ता ही जाता हैये मुआ खरगोश जरा भी नहीं सुस्ताता है
चुनावी वर्ष में वित्तमंत्री जी से निवेदन है किअपने इस खरगोश से कहें कि थोड़ी नींद निकालेपता है कि कछुआ यह दौड़ नहीं जीत सकेगा मगरकमा-कमा कर थका वह बेचारा भी तो थोड़ा सुस्ता ले