Tuesday, 10 September 2013

गज़ल





एक मीठी सी गज़ल जब मन में गुनगुनाती है,
दिल के सोये तारों को हौले से छेड़ जाती है।

गज़लों में यारों होती है कुछ ऐसी कशिश
सुन लो तो मन की हरारत उतर जाती है।
प्यार के मायने मैने गज़लों से ही सीखे हैं
गज़ल प्यार को जल्द अंजाम तक पहुँचाती है।

सुन लेने के बाद गज़लें, तबियत के साथ
यारों क्या खूब मस्त मस्त नींद आती है।

मुश्किल होता है पहुँचाना प्यार का पैगाम
गज़लें यह पैगाम सीधे दिल तक पहुँचाती हैं।

गज़ल को जब मिल जाती है अच्छी आवाज़
करोड़ों दिलों पर वह राज़ कर जाती है।

दिल गज़ल गज़ल हो जाता है 'महेन्द्र'
जब आती, गज़ल सी उनकी प्रेम पाती है।

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