Monday, 11 July 2016

My face book post 10 July 2016

 सेना द्वारा मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद  जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों का जुड़ना, उसे शहीद का दर्जा देने की कोशिश करना, पुलिस व सेना पर प्रति आक्रमण करना तथा आगजनी और दंगा फैला कर महौल को खराब करना कब तक सहन किया जाएगा। इसका एक अर्थ यही है कि एक एक आतंकवादी के पीछे सौ सौ गद्दार हैं जिनकी वफादारी भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान के प्रति है।ऐसे लोग वतन और सेना के लिये कितने खतरनाक हो सकते हैं यह हम सेना पर हमले तथा बिना किसी मोर्चे पर जाए कायरता पूर्वक हमारे वीर सैनिकों को मौत बांटे जाने की घटनाओं से साफ है। मोदी सरकार व प्रशासन को चाहिये कि किसी भी आतंकवादी का शव परिवार को सौंपने के स्थांपर उसे पुलिस अभिरक्षा में दफन किया जाए। जनाजे में परिवार वालों तथा अन्य किसी भी व्यक्ति के शामिल होने पर छूट हो बस फर्क इतना हो कि जनाजे में शामिल होने वाले हर व्यक्ति से फोटो आय डी की कापी ली जाए, उसकी वीडियो ग्राफी हो तथा जनाजे तथा दफनाने की पूरे प्रक्रिया की भी वीडियो ग्राफी हो। कोई भी देश विरोधी नारा बर्दश्त नहीं किया जाए। ऐसा नारा लगाने वाले पर तुरंत कार्यवाही हो। सभी आय डी की बाद में गहन जांच की जाकर पता लगाया जाए कि उनमें से कोई देश द्रोही गतिविधी में तो शामिल न है। आतंकवादी की मौत की खबरों के बाद राजनीति करने वाले लोगों के बयानों पर कानून बनाया जाकर उन्हें सेंसर किया जाए।

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