कम्प्यूटर की मदद से हम नित नयी प्रगति के सोपान लिखते जा रहे हैं । यदि नए आविष्कार मानव हित के नहीं हुए तो मानव सभ्यता के नष्ट होने का खतरा बड़ता ही जायेगा। कवि का कम्प्युटर तथा वैज्ञानिकों से इन पक्तियों के माध्यम से प्रखर आग्रह है कि वे ऐसी कोई खोज करें कि मानव मन से अपराध की भावना ही निकल जाये । ये पक्तियां मानवता की रक्षा के लिए कवि के दिल से निकली आवाज है।
हे विज्ञान हमें चाँद से आगे न ले जाओ
मानव मन में उतना ही गहरे उतर जाओ
दिल और दिमाग की ऐसी थाह पाओ
मन निर्मल बना दो, विश्व शान्ति ले आओ
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