मित्रों कल की दुनिया भी धोखों से भरी हुई थी, आज
भी है और कल भी रहेगी। ज्ञानी लोग इस दुनिया को ही धोखा बताते हैं। इंसान के बस
में बस इतना ही है कि पुर्व के धोखों के अनुभवों से सबक ले और भविष्य में बचने का
प्रयास करे। अपने ब्लॉग के माध्यम से अपने कुछ किस्से शेयर करनी चाहता हूँ।
मिट्टी के गणेशजी
हाल ही में सम्पन्न गणेश उत्सव के दौरान मैने
पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्लॉस्टर ऑफ पेरिस के साधारण गणेशजी के आकार
से तीन गुना छोटे मिट्टी के गणेश जी खरीदे और घर लाकर उत्साह पूर्वक उनकी स्थापना
की। और हां उनके लिये मुझे पीओपी के गणेशजी की कीमत से तीन गुना अधिक कीमत चुकाना
पड़ी और साथ ही श्रीमती जी का उलाहना भी सुनना पड़ा कि क्या इतने छोटे से गणेश ले
आए। खैर आ गए सो आ गए। हमने उनका प्रतिदिन विधिवत पूजन कर प्रसन्नता प्राप्त की।
अनंत चतुर्दशी के दिन जब उनके विसर्जन का समय आया तो पत्नी ने सुझाव दिया कि पिछले
वर्ष की तरह मोहल्ले के सार्वजनिक गणपति के साथ इन्हें भी रख देते है। मेरे मन में
कुछ और था। मैं परखना चाहता था कि पर्यावरण मित्रता के नाम पर विक्रित तीन गुना
छोटे और साथ ही तीन गुना अधिक कीमत वाले गणेशजी पानी में कितनी देर में गलते है।
सो मैने उन्हें एक साफ स्टील की बाल्टी में साफ नर्मदा जल लेकर उन्हें प्रणाम सहित
विसर्जित कर दिया। भावना यह भी थी कि गलने के पश्चात मिट्टी व जल किसी पेड़ के नीची
डाल दूंगा। देर रात ऑफिस से लौटने पर देखा कि 7 घंटे तक जलमग्न रहने के बाद भी
हमारे गणेश जी बिलकुल जस के तस थे। पेंट पॉलिश भी जरा सा नहीं उतरा। मैने सोचा कि
चलो सुबह तक देखते हैं मगर रात्रि विश्राम के लिये जाने के पूर्व श्रीमती जी ने
कहा कि ‘ सुनोजी मुझे तो यह बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा कि हम आराम से बिस्तर पर
सोएं और गणेश जी पानी में डूबे रहें। मैने एक बार फिर गणेश जी को पानी से निकाल कर
देखा और उन्हें पहले दिन जैसा चमकता, दमकता और मुस्कराता हुआ पाया। श्रीमती से बात
कर मैने उन्हें विसर्जित करने का विचार छोड़ दिया और उन्हें सादर अपने ड्राइंग रूम
के एक शेल्फ पर सादर सजा दिया। एक और जहाँ गणेश जी के धूर्त विक्रेताओं के प्रति
मन में क्षोभ था वहीं गणपतिजी की वापसी की प्रसन्नता भी। सामाजिक संगठन मिट्टी के
गणेश ही खरीदे जाने की अपील करने के साथ उनकी उपलब्धता भी सुनिश्चित करें तथा
प्रशासन भी ऐसे धोखों से जनता को बचाने का उपाय सोचे।
आगामी कड़ियाँ अवश्य देखें एवं आपके साथ यदि कोई धोखे की घटना घटी हो तो लिख
कर भेजें।
धोखा (2) दूघ का नाप धोखा(3) गेस
चूल्हा रिपेयर
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