बहुत सम्भावनाएं
दिखी मुझे
शरद पूर्णिमा के
चांद में
नेताओं के वादे और
घोषणापत्रों की
खीर लेकर मैं बैठ
गया
खुले आसमान में।
चांदनी की पवित्र,
धवल, शीतल
किरणों का स्पर्श
पाकर
खीर की रंगत निखरने
लगी
मन्द धीमी गति से
उसपर
आन एयर राहत पेकेजों की
आन एयर राहत पेकेजों की
मोटी मलाई जमने लगी।
मुझे विश्वास हो चला
कि
शरद पूनम की किरणॉ
से
अभिमंत्रित ये खीर
अवश्य ही रंग लाएगी
अभिमंत्रित ये खीर
अवश्य ही रंग लाएगी
इस करिश्माई खीर का
प्रसाद पा
मेरे देश की जनता की
गरीबी अवश्य दूर हो जाएगी।
मेरे देश की जनता की
गरीबी अवश्य दूर हो जाएगी।
मगर आखिर को वही हुआ
जिसका मुझे शुरू से था डर
खीर के पास देर रात तक
बैठने की मेरी मेहनत हो गई सिफर।
शहर के भृष्ट नेता अधिकारियों को
कुत्तों की तरह खीर की सूंघ लग गई
खुले आसमान में देर
रात आवारागर्दी
के आरोप में मुझे जेल भेज कर
मुफ्त का माल उड़ाने की अभ्यस्त
उनकी तोंदें सारी खीर हड़प गई।
के आरोप में मुझे जेल भेज कर
मुफ्त का माल उड़ाने की अभ्यस्त
उनकी तोंदें सारी खीर हड़प गई।
No comments:
Post a Comment