प्रश्न : दद्दू, रेलमंत्री जी ने रेल बजट प्रस्तुत करते हुए कुछ शेर पढ़ें। यदि आपको रेल पर शेर लिखना होते तो आप क्या लिखते?
उत्तर :
1.
न बहारों से बात करनी है, न चांद सितारों से बात करनी है, स्टेशन के बाद स्टेशन पार करना है, तो सिग्नलों से बात करनी
2.
रेल की छत पर बैठे बंदे को, गिरने का डर नहीं, पैर रखने की जगह नहीं ट्रेन में और हौसले भी बुलंद हैं।
3.
हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, हर हाल में मेरा टिकिट कन्फर्म होना चाहिए।
दोस्तों माननीय रेल मंत्री जी ने अपने रेल बजट के दौरान सदन में जो शेर पढ़े उनकी पेरोडी है यह। (ओरिजिनल शेर जिन शायर कवियों के हैं उनसे क्षमायाचना सहित। )
ReplyDeletekya baat hai..
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